
धार। त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व ईद-उल-अजहा शहर सहित जिलेभर में सादगी, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर की प्रमुख शाही लाट मस्जिद में सुबह 9:30 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन एकत्रित हुए, जहां शहर काज़ी वकार सादिक ने ईद की नमाज़ अदा करवाई। नमाज़ के बाद ईद का ख़ुत्बा पढ़ा गया तथा देश में अमन-चैन, खुशहाली और अच्छी बारिश के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।
नमाज़ से पूर्व शहर काज़ी वकार सादिक ने अपने उद्बोधन में ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इंसान को अपनी सबसे प्रिय वस्तु को भी अल्लाह की राह में कुर्बान करने का जज़्बा रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने समाज को जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने की सीख देते हुए कहा कि सच्चा इंसान वही है जो दूसरों के दुख-दर्द में सहभागी बने और मानवता की सेवा करे।
ईद की नमाज़ के बाद समाजजनों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान पुलिस प्रशासन एवं नगर पालिका के अधिकारियों ने भी मस्जिद पहुंचकर शहर काज़ी और समाजजनों को ईद की शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों द्वारा शहर काज़ी का पुष्पमाला एवं बुके भेंट कर सम्मान भी किया गया।
शहर काज़ी वकार सादिक ने जिलेभर में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से ईद का पर्व संपन्न कराने पर पुलिस प्रशासन और नगर पालिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के कारण पूरे जिले में सौहार्दपूर्ण वातावरण में ईद का त्योहार मनाया गया।
ईद-उल-अजहा के अवसर पर मस्जिदों और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष रौनक देखने को मिली। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह नजर आया तथा लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर मुबारकबाद दी।









