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नेशन बुलेटिन धार।कलेक्टर ने शैक्षणिक संस्थानों का किया औचक निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश।

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धार, 18 जुलाई 2026। जिले की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और तकनीकी दक्षता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने आज धार शहर में स्कूलों और छात्रावासों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कई निर्देश दिए। परंतु इस संबंध में कलेक्टर द्वारा निर्देश देने के साथ-साथ सबसे मूल समस्या छात्रावासों की भी समझना चाहिए, क्योंकि जिले के छात्रावासों में अनेक प्रकार की समस्याएँ हैं, जिनका निराकरण नहीं हो पाता। जिन समस्याओं के निराकरण का अधिकार अधीक्षक को है, उनका निराकरण किया जाना चाहिए तथा जिन समस्याओं के निराकरण का अधिकार विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथवा जिला स्तर के अधिकारियों को है, उनका निराकरण भी मौके पर होना चाहिए। परंतु अधिकतर यह देखा जाता है कि जब कहीं भी अधिकारी स्कूलों या छात्रावासों का निरीक्षण करते हैं, तो यह नहीं समझते कि किस समस्या के निराकरण का अधिकार किस अधिकारी के पास है और तुरंत निर्देश दे दिए जाते हैं। इसके बावजूद अधिकतर स्कूलों और छात्रावासों की समस्याएँ बनी रहती हैं, क्योंकि उनका मौके पर निराकरण नहीं हो पाता।

जिले की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और तकनीकी दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने आज नोडल शासकीय आईटीआई (ITI), स्थानीय मॉडल स्कूल एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं, डिजिटल लर्निंग और छात्र कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

*आईटीआई धार तकनीकी नवाचार की सराहना*

 

कलेक्टर ने आईटीआई धार के निरीक्षण कर सीएसआर फंड से विकसित अत्याधुनिक लैब्स की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश की एकमात्र ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल लैब’ (महिंद्रा एंड महिंद्रा) सहित आईटी लैब (सिप्ला फाउंडेशन व इप्का लैब), इलेक्ट्रिकल लैब (श्नाइडर इंडिया), इंडस्ट्रियल पेंटर लैब (महिंद्रा एंड महिंद्रा) और वेल्डर लैब (आयशर मोटर) का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सहयोग से छात्रों को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण मिल रहा है, जो उनके भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। संस्था में 100% प्लेसमेंट और 100% प्रवेश के रिकॉर्ड पर उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही, बालिकाओं के स्वास्थ्य हेतु इप्का लैब द्वारा प्रदान की गई सेनेटरी पैड व इन्सिनेटर मशीन की पहल को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी बताया।

*मॉडल स्कूल: डिजिटल शिक्षा और छात्रावास प्रबंधन में सुदृढ़ीकरण*

 

कलेक्टर ने मॉडल स्कूल का निरीक्षण कर किया। निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर लैब का निरीक्षण कर वहां ट्रेनिंग ले रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को कंप्यूटर की उपयोगिता समझाई और स्वयं एक्सेल (Excel) पर कार्य करके उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ इंटरेक्टिव फ्लैट पैनल (IFP) के माध्यम से चल रही कक्षा की गतिविधि को देखा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन अन्य स्थानों पर भी IFP उपलब्ध कराए गए हैं, वहां इनका नियमित उपयोग सुनिश्चित कर बच्चों को आधुनिक तकनीक से पढ़ाया जाए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल में उपलब्ध नई साइकिलों व पुस्तकों का वितरण नियत समय पर किया जाए।

 

निरीक्षण के दौरान श्री मीना ने विद्यालय परिसर स्थित छात्रावास का जायजा लिया। छात्रावास में शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई नई रोटी बनाने की मशीन को तत्काल प्रभाव से चालू करने के निर्देश दिए। छात्रावास की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने सभी सीसीटीवी कैमरों को 24×7 चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिगत इन कैमरों के पासवर्ड को नियमित अंतराल पर बदलते रहने की हिदायत दी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और छात्रावास में पूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि इन सभी व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

 

*डाइट (DIET): राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा*

 

धार जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीणा ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), धार का आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने संस्थान में संचालित विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने डाइट में स्थापित डिजिटल स्टूडियो, दक्ष कक्ष, ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) प्रशिक्षण केंद्र, कंप्यूटर लैब एवं पुस्तकालय का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले के विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, विद्यार्थियों के नामांकन और डाइट द्वारा आयोजित किए जा रहे विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर श्री मीना ने संस्थान की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षकों को आधुनिक संसाधनों का उपयोग करना होगा। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

कलेक्टर ने डाइट के प्राचार्य श्री मनोज कुमार शुक्ला को संस्थान के समग्र विकास हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को निर्देशित किया कि वे जिले के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सतत सुधार लाने और सरकारी योजनाओं का लाभ हर विद्यार्थी तक पहुँचाने हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

 

*प्रशासन की प्राथमिकता: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा*

 

कलेक्टर ने सभी शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती पारुल जैन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री पुष्पेंद्र सस्तीया, डीपीसी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।

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