धार।भोजशाला व मां वाग्देवी की मुक्ति एवं उनके गौरव की पुनर्स्थापना हेतु सतत् संघर्षरत सकल हिन्दू समाज व महाराजा भोज उत्सव समिति द्वारा प्रति मंगलवार नियमित सत्याग्रह भोजशाला में किया जाता हैं।
नियमित सत्याग्रह की वजह से ही भोजशाला की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ और आज सकल हिन्दू समाज सातों दिवस अपनी मां वाग्देवी की आराधना प्रतिदिन, प्रातः से सायं तक भोजशाला में कर रहा है।
पूर्ण विजय के ध्येय के साथ किया जाने वाला नियमित सत्याग्रह, हिन्दू समाज की पूर्ण विजय तक निरंतर तब तक चलता रहेगा जब तक की भोजशाला व मां वाग्देवी के गौरव की पुनर्स्थापना नहीं हो जाती।
भोजशाला की मुक्ति तथा प्रतीकात्मक मां वाग्देवी व अखण्ड ज्योति की स्थापना के पश्चात प्रतिदिन सैकड़ों हिंदुजन पूरे देश से भोजशाला व मां वाग्देवी के दर्शन करने आ रहे हैं। साथ ही प्रति मंगलवार को होने वाले नियमित सत्याग्रह में किसी विशिष्ट अतिथि या संत समाज द्वारा हिन्दुजनो का मार्गदर्शन किया जाता हैं। आज भी नियमित सत्याग्रह में राष्ट्रीय कवि, वरिष्ठ स्वयंसेवक, विश्व व्यापी भारत माता की आरती के रचनाकार श्री देवकृष्ण जी व्यास देवास से पधारें थे।
आप भोज उत्सव समिति के द्वारा आयोजित भोज उत्सव के मंच पर विगत 40 वर्षों से काव्य पाठ कर कवि सम्मेलन को सुशोभित करते रहे हैं।
आपने अपने जीवन का प्रथम काव्य पाठ भोज उत्सव के मंच पर ही किया था।
वर्तमान में आप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक होकर, विद्या भारती का कार्य देखते हैं।
आज मा. देवकृष्ण जी व्यास ने अपनी नवीनतम रचना मां वाग्देवी की आरती को नियमित सत्याग्रह के दौरान भोजशाला में सस्वर प्रस्तुत किया।
सभी हिन्दुजनों ने आपका स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथि का परिचय भोज शाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल जी शर्मा द्वारा दिया गया।
समिति के अध्यक्ष सुरेश जी जलोदिया, महाप्रबंधक हेमन्त दौराया, मार्ग दर्शक राजेश जी शुक्ला, संरक्षक कृष्णा जी नागर व विश्वास पांडे, महामंत्री सुमित चौधरी,वरिष्ठ मार्गदर्शक बाबूलाल जी नायक, उपाध्यक्ष श्याम जी मालवा द्वारा अतिथि मा. देवकृष्ण जी व्यास का सम्मान किया गया।
आज के नियमित सत्याग्रह में बड़ी संख्या में हिंदुजन व मातृशक्ति उपस्थित रही।
उक्त जानकारी समिति के महाप्रबंधक हेमन्त दौराया द्वारा दी गई।









