
*मुख्यमंत्री ने भोजशाला के लिए संघर्षरत शहीदों के परिजनों का किया सम्मान*

*शहीदों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा*

*“वाग्देवी लोक” एवं “राजा भोज शोध संस्थान” बनाए जाने की घोषणा*

*88.4 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन*

*धार, 25 मई 2026।* गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आज राजा भोज की नगरी धार में भोजशाला में दर्शन करने का अवसर सदियों बाद प्राप्त हुआ है।विक्रम संवत 2083 में भोजशाला के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ है और विक्रम संवत 2082 की वसंत पंचमी से धार का इतिहास बदलना प्रारंभ हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर धार जिले में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “विरासत से विकास” की अवधारणा पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में न्यायालयों के निर्णयों को सम्मानपूर्वक लागू करने के अनेक उदाहरण सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी प्रकार मध्यप्रदेश में उच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर भोजशाला में लगभग 750 वर्षों बाद दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसे धार की जनता ने सहजता और सौहार्द के साथ स्वीकार किया है।

मुख्यमंत्री ने भोजशाला में माँ वाग्देवी के लिए “वाग्देवी लोक” बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे पुरातत्व संग्रहालय के साथ-साथ पर्यटन की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही पुरातत्व एवं साहित्य के संरक्षण और विकास के उद्देश्य से जिले में “राजा भोज शोध संस्थान” स्थापित किए जाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा के इतिहास में राजा भोज का विशेष स्थान रहा है। वे साहित्य के महान संरक्षक एवं प्रणेता थे। उन्होंने स्वयं अनेक ग्रंथों की रचना की तथा साहित्यकारों और कवियों को संरक्षण प्रदान किया। उनके समय में कवि सम्मेलनों का आयोजन होता था और श्रेष्ठ रचनाओं के प्रत्येक शब्द पर विशिष्ट पुरस्कार दिए जाते थे।
उन्होंने कहा कि राजा भोज केवल साहित्य ही नहीं, बल्कि पुरातत्व, आयुर्वेद, जल संरचना और वीरता के क्षेत्र में भी अद्वितीय व्यक्तित्व थे। भोजपुर मंदिर में विशाल शिवलिंग का निर्माण, भोपाल के विशाल तालाबों एवं जल संरचनाओं का निर्माण तथा धार का ऐतिहासिक लौह स्तंभ उनकी दूरदर्शिता और वैज्ञानिक सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार का लौह स्तंभ मूल रूप से दिल्ली के महरौली स्थित लौह स्तंभ से भी ऊँचा था और इसका निर्माण परमार वंश के राजा भोज द्वारा कराया गया था। उन्होंने कहा कि परमार वंश की भाषा और संस्कृति का प्रभाव भोजपुरी भाषा के उद्भव में भी दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज की वीरता और उनकी सेना के सामर्थ्य के कारण उन्होंने चालुक्य राजा तैलप तथा कलचुरी वंश के राजा गांगेयदेव को पराजित किया, जिसके कारण प्रसिद्ध कहावत “कहां राजा भोज, कहां गांगेय तैलप” प्रचलित हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ वाग्देवी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश शासन धार के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से किसानों के खेतों में उत्पादित कपास को उद्योगों एवं निर्यात से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों और युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि राजा भोज ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए थे । प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिला इस अभियान में प्रदेश में छठवें स्थान पर रहते हुए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से 2 लाख 82 हजार 188 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें 89 हजार 752 कुओं का रिचार्ज, 55 हजार खेत तालाब, 105 अमृत सरोवर तथा 8 लाख जलदूत तैयार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि धार जिले में खेत तालाब निर्माण का लक्ष्य 2224 था, जबकि इसके विरुद्ध 9630 कार्य पूर्ण किए गए, जो लक्ष्य से 443 प्रतिशत अधिक हैं। नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
*मुख्यमंत्री ने भोजशाला के लिए संघर्षरत शहीदों के परिजनों का किया सम्मान*
कार्यक्रम के दौरान भोजशाला के लिए संघर्ष करते हुए शहादत देने वाले शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वाग्देवी का स्वरूप भेंट कर तथा शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया एवं तीनों परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई।
सम्मानित परिजनों में शहीद बनसिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती सन्नुबाई अराड़िया निवासी अमझेरा, शहीद अंतरसिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती गुलाबबाई निवासी टाण्डा तथा शहीद लक्ष्मण सिंह जी के पिताजी सालम बाबा निवासी ओसारी, पंचघाटी शामिल रहे।
*88.4 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन*
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर-कमलों से धार जिले में 88.4 करोड़ रुपये लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ।
इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास तथा जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
*विभिन्न विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित*
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना अंतर्गत ग्राम लाबड़िया, विकासखंड धार निवासी श्रीमती सपना गोविन्द एवं श्रीमती लक्ष्मी बलराम, लक्ष्मी नगर स्व सहायता समूह को पशुपालन गतिविधि हेतु 6 लाख रुपये का सीसीएल ऋण प्रदान किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत कु. तानिष्का पिता मांगीलाल, निवासी आबकारी रोड धार को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। योजना अंतर्गत बालिकाओं को 1.43 लाख रुपये एवं छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाता है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत ग्राम भूतिवावड़ी, विकासखंड तिरला निवासी कु. रितिका पिता हरेसिंह, आयु 09 वर्ष को जन्मजात गंभीर हृदय रोग के निःशुल्क उपचार हेतु 1.60 लाख रुपये की सहायता का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कृषि विभाग की कस्टम हायरिंग केन्द्र योजना अंतर्गत तीसगांव, धार निवासी श्री राहुल राठौड़ पिता श्री राधेश्याम राठौड़ को 7 लाख 47 हजार 009 रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।
जिला सहकारी बैंक की डेयरी केसीसी योजना अंतर्गत ग्राम निजामपुरा निवासी श्री नारायणसिंह पटेल को 80 हजार रुपये तथा ग्राम उज्जैनी निवासी श्री पप्पूसिंह सिसोदिया को 1 लाख 40 हजार रुपये की ऋण राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार श्रीमती सावित्री ठाकुर, प्रभारी मंत्री एवं नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, मध्यप्रदेश शासन श्री कैलाश विजयवर्गीय, धार विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।









