
*परिषद सम्मेलन से दूरी बहिष्कार*

धार निप्र:- धार नगर में नगर पालिका परिषद ने पिछले तीन वर्षों से अपने बुनियादी कार्यों से दूरी बनाए रखी है । परिषद के सम्मेलन भी समय पर नहीं बुलाए जाते और बुलाए जाते है तो नगर के बुनियादी विकास कार्यों से दूरी बनाए रखते है विशेषकर विपक्षी कांग्रेसी जन प्रतिनिधियों के क्षेत्र में सारे कार्य ठप है उस और न सत्ताधारी परिषद का ध्यान है और नहीं मुख्य नगरपालिका अधिकारी का और तो और परिषद बैठक में भी न कोई हमारे क्षेत्रों के प्रस्ताव लिए जा रहे है।
उक्त आरोप पार्षद सारिका अजय सिंह ठाकुर ने लगाते हुए बताया की धार नगर पालिका की हालत अत्यंत जर्जर और चिंतनीय है, यहा अधिकारी स्थिति सुधारने की बात करते है किंतु आज दिनांक तक इनके गरीब कर्मचारियों की 06 से 08 माह का वेतन रुका है जिन्हें मासिक मात्र 6से8 हजार वेतन मिलता है वह भी महीने दो महीने में एक माह का देते है ।जबकि यह कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से है। वही स्थाई ,विनियमित और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन करीब 03 माह का शेष होकर इनका शासन द्वारा बढ़ाए गए महंगाई भत्ते और वेतन का एरियर का 01 वर्ष से भुगतान नहीं किया गया जो साथ ही इनका एन,पी,एफ जी,पी,एफ, ई,पी,एफ भी आज तक जमा नहीं किया गया जबकि कर्मचारियों के वेतन से सतत काटा जा रहा है ।जिससे कर्मचारियों को वित्तीय हानि भी हो रही है जिस हेतु समय समय पर कर्मचारियों द्वारा भी आक्रोश में आकर जिलाधीश तक को आवेदन दिए जाते है किंतु कोई सुनवाई नहीं होती इस पर अध्यक्ष सहित सत्ताधारी दल अधिकारी मोन है जिसका कोई विषय व्यापक सम्मेलन में नहीं जोड़ा गया है।
साथ ही निकाय के जलस्रोत खुले तालाब है जहा पर सीवेज एव नगर का गंदा पानी का तालाबों में समावेश होता है और वही पानी नगर में सप्लाय किया जाता है। वित्तीय स्थिति का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते पाए जाते है निकाय के पास कोई तकनीकी कर्मचारी नहीं है ,इनके द्वारा एक मैकेनिकल इंजीनियर को प्रभार दिया गया है जो कि उसके ज्ञान से परे होकर निकाय द्वारा वित्तीय स्थिति की कमजोरी को बताते हुए तकनीकी कर्मचारी की नियुक्ति भी नहीं की जार ही नगर में आज भी गंदा पानी नलों में आ रहा है यह धार में भी भागीरथपुरा जैसी घटना का इंतजार कर रहे है इन होने इस गंभीर विषय को भिन्न सम्मेलन में विचार हेतु वित्तीय स्वीकृति हेतु नहीं लिया गया है।
श्रीमती सारिका अजय सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि सम्मेलन में पूरे नगर की पाइप लाइन बदलने का विषय रखा गया है जो की इनके वित्तीय फायदे को दर्शाता है।समस्त कार्यालयों में वित्तीय वर्ष 25,26 समाप्ति पर शासकीय टेंडर आमंत्रण करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है जबकि इसमें मात्र एक ही वार्षिक टेंडर का उल्लेख है । नगर पालिका धार ने 1987 में हुडको आवास योजना के नाम से लगभग 2100 लोगों से राशि जमा करवाई गई है जिनकी राशि आज तक नगर पालिका में जमा है। उन्हें दरकिनार करते हुए स्वयंम के वित्तीय फायदे को देखते हुए परिषद में विषय रखा गया है। जो नगर की जनता के हित में नहीं है।
ठाकुर ने कहा की यह सब तो ठीक अब पूरे देश में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत रैंकिंग हेतु सर्वे दल की आने की संभावना है जिसमें धार नगर पूर्व में 01 से 46 वे नंबर पर आ चुकी है और यही अधिकारी कर्मचारी का रवैया रहा तो इस वर्ष हम स्वच्छ भारत मिशन से पूर्णतः बाहर हो जायेगे जो कि पूरे नगर के लिए शर्म का विषय होगा जिसे लेकर सम्मेलन में कोई विषय नहीं रखा गया।
इस सम्मेलन में बुनियादी नगर हित के विषयों को छोड़ सिर्फ और सिर्फ वही वित्तीय बिंदु रखे गए जिसमें सत्ताधारी दल और अधिकारी का फायदा होना है। नगर हित के कार्यों को दरकिनार कर गम्भीर विषयों को भी नजर अंदाज किया गया जो जनप्रतिनिधि होने के नाते बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ।
इनकी नगर के प्रति इस अनदेखी से एव जनता के हित को देखते हुए में श्रीमती सारिका अजय सिंह ठाकुर आज के इस इस साधारण व्यापक सम्मेलन से नाराज हो कर आज उपस्थित नहीं रहूंगी में इसका बहिष्कार करती हु।
साथ ही जिलाधीश से आग्रह करती हु की इस लापरवाही पूर्ण कार्यों पर अंकुश लगाते हुए नगर हित में कार्य हेतु अधिकारियों को निर्देश दे और इनके कार्यों की जांच टीम बना जांच की जाए अन्यथा जल्द से जल्द आम जनता के साथ में आंदोलन हेतु अग्रेषित रहोगी।









