
*₹557 करोड़ की लागत से बन रहा है 22 मंजिला विश्वस्तरीय आईटी पार्क-3*
*उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) बनेगा प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री*

*योजना, वर्तमान में 17वीं मंजिल का काम प्रगति पर

*धार 18 जून 2026।* इस साल के अंत तक पूर्ण होगी परिमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज इन्दौर शहर में निर्माणाधीन आई.टी. पार्क-3 का निरीक्षण किया गया एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। भ्रमण के दौरान एम. पी.आई.डी.सी. के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति द्वारा माननीय मुख्यमंत्रीजी को अवगत कराया गया कि 557 करोड़ की लागत से विकसित हो रहे इस 22 मंजिला भवन को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें ।। लाख 25 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल विकसित होगा। यह परियोजना साल के अंत तक पूर्ण होना संभावित है, जिसके पश्चात् बुकिंग हेतु उपलब्ध कराई जावेगी। वर्तमान में 17वीं मंजिला का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्रीजी द्वारा कार्य की प्रगति एवं परियोजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की गई उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का हमारा संकल्प है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4, आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इकोसिस्टम तैयार करेंगी, और मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।”
इंदौर में पहले से टीसीएस, इन्फोसिस, एक्सेंचर, कॉग्निजेंट, पर्सिस्टेंट, इन्फोबीन्स सहित अनेक अग्रणी कंपनियों तथा बड़ी संख्या में लघु एवं मध्यम आईटी कंपनियाँ कार्यरत हैं। इसके साथ ही क्रिस्टल आईटी पार्क एवं अतुल्य आईटी पार्क जैसे अत्याधुनिक परिसरों ने इंदौर में एक सशक्त आईटी इकोसिस्टम विकसित किया है।
विकसित किए जा रहे आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।
एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा आईटी क्षेत्र के प्रमुख वैश्विक ब्रांड्स और कंपनियों से लगातार संवाद किया जा रहा है, ताकि वे मध्यप्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और यहां नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर तथा सेवा क्षेत्र की इकाइयों की स्थापना करें।
इंदौर को हम मध्यप्रदेश के आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इकोसिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा।









