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नेशन बुलेटिन धार। विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान का शुभारंभ, देवझिरीपंण्डा में हुआ वृहद पौधारोपण।

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*पर्यावरण संरक्षण एवं पौधों के संवर्धन की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का लिया संकल्प*

*झकनावदा/पेटलावद:-(राजेश काॅसवा)-*

झाबुआ, 05 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास केबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत ग्राम पंचायत देवझिरीपंण्डा स्थित वन विभाग के कक्ष क्रमांक 408 में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास केबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस से पौधारोपण अभियान की शुरुआत की जाती है और बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, किन्तु आज विश्व ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ किए गए अनावश्यक हस्तक्षेप का परिणाम आज जलवायु परिवर्तन, घटते वन क्षेत्र और पर्यावरणीय असंतुलन के रूप में सामने आ रहा है। जहां कभी घने जंगल हुआ करते थे, वहां आज बंजर भूमि दिखाई देने लगी है।

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज हमें समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंपकर गए हैं और इसे संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रारंभ किए गए ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के माध्यम से केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों को वृक्ष के रूप में विकसित करना भी हमारा सामूहिक दायित्व है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेंगलुरु में वर्षों पुराने वृक्ष आज भी सुरक्षित हैं, जो वहां के नागरिकों की पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने सभी से 21 जून तक निरंतर पौधारोपण करने, पौधों का संरक्षण करने तथा उन्हें विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने पिछले वर्षों में लगाए गए महुआ पौधों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का अवसर है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, वर्षा में अनियमितता, प्लास्टिक प्रदूषण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियां तथा जल संकट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।

 

कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अभियान के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं तथा सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने बताया कि देवझिरीपंण्डा में ही लगभग 5 हजार पौधे लगाए जाएंगे तथा 21 जून तक जिले में एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पौधारोपण एवं उसके संरक्षण की मॉनिटरिंग ‘मेरी लाइफ’ एप के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने सभी से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

 

पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता के रूप में पूजने की परंपरा रही है। मानव विकास प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है, लेकिन इन संसाधनों का अनियंत्रित दोहन अनेक समस्याओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए दो स्तरों पर कार्य करने की आवश्यकता है—पहला, उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और दूसरा, नष्ट हो चुके संसाधनों की पुनर्स्थापना। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया।

 

जिला पंचायत सदस्य श्री बहादुर सिंह हटीला ने कहा कि ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान भावनात्मक रूप से समाज को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाला अभियान है। जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार लगाए गए पौधों की भी देखभाल करना आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखरेख करने का आग्रह किया।

 

वनमण्डलाधिकारी श्री भरत सोलंकी ने बताया कि ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत 5 जून से 21 जून तक जिलेभर में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैम्पा योजना के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 15 अगस्त तक एक लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त जैव विविधता संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वर्षभर पौधारोपण गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिले का वन क्षेत्र वर्तमान में लगभग 21 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार यह 33 प्रतिशत होना चाहिए। जिले की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियां वृक्षारोपण के लिए अनुकूल हैं, इसलिए अधिक से अधिक पौधारोपण कर वन क्षेत्र में वृद्धि की जा सकती है।

 

*पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ*

 

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास केबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों,कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई तथा प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प कराया।

 

*‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ के तहत किया पौधारोपण*

 

कार्यक्रम के उपरांत महिला एवं बाल विकास केबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया,कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधारोपण किया।

 

*बड़ी संख्या में नागरिकों ने की सहभागिता*

 

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, नवागत पुलिस आरक्षकों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

 

इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, सहायक कलेक्टर सुश्री आयुषी बंसल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षयसिंह मरकाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री महेश मण्डलोई, डिप्टी कलेक्टर्स एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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