
धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला–कमाल मौला परिसर को लेकर चल रहे लंबे समय से विवादित मामले में आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के माननीय न्यायाधीशों ने स्थल का निरीक्षण किया। यह दौरा आगामी 2 अप्रैल की सुनवाई के मद्देनज़र बेहद अहम माना जा रहा है। माननीय न्यायाधीश करीब 53 मिनट तक भोजशाला परिसर में रहे और परिसर की संरचना, व्यवस्थाओं तथा आसपास के क्षेत्र का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। निरीक्षण के दौरान धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। साथ ही पुलिस के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले भोजशाला–कमाल मौला परिसर लंबे समय से धार्मिक स्वरूप को लेकर विवाद का केंद्र रहा है। हिंदू पक्ष इसे माता सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद बताता है। हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा कराए गए वैज्ञानिक सर्वे की रिपोर्ट भी इस मामले का अहम हिस्सा बनी हुई है, जिस पर दोनों पक्षों की आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई चल रही है। इसी क्रम में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने यह निर्णय लिया था कि अगली सुनवाई से पहले न्यायाधीश स्वयं स्थल का निरीक्षण करेंगे, ताकि मामले को बेहतर तरीके से समझा जा सके। हाईकोर्ट द्वारा 2 अप्रैल 2026 को इस मामले की अगली और महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित की गई है, जिसमें ASI रिपोर्ट, पक्षकारों के दावे और विभिन्न याचिकाओं पर विस्तृत बहस होगी। संभावना जताई जा रही है कि इस सुनवाई के बाद मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।










