*अमृत हरित अभियान बना मजाक,प्रकृति, मातृ भूमि एव मानव के साथ खिलवाड़।प्रवक्ता,प्रतिनिधि ठाकुर*
धार निप्र:- भारत देश में घटते वन क्षेत्र एव उससे जलवायु,में हो रहे खतरे को देखते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार देश के पर्यावरण,वन,एव जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सम्पूर्ण देश में घटते वन क्षेत्र की बढ़ाने हेतु अभियान की शुरुआत ।जिसका संपूर्ण देश में में प्रदेश सहित जिलों को पौधा रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया।जिसमें धार जिले में भी पौधा रोपण कर उनकी देख रख की जानी थी ।जिसकी शुरुआत धार नगर में भी बड़े ही जोश के साथ की गई। जो की मजाक बन कर रह गई।
उक्त आरोप लगाते हुए म.प्र.शासन नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि,जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय डॉ मनोहर सिंह ठाकुर (एडवोकेट)ने कहा की यह अभियान एक प्रयास है जिसकी शुरुआत देश में राजस्थान से हुई थी जो कि हमारी मातृभूमि और प्रकृति के प्रति हमारे सम्मान और समर्पण को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य 2030 तक देश की 15 प्रतिशत भूमि को वन भूमि में बदलना है। जिसमें 2024 में 80 करोड़ पौधे लगाकर 30 सितम्बर 2025 तक 140 करोड़ पौधे लगाए जाना है।जो कि सिर्फ कागजों पर ही है जिसकी जमीनी हकीकत पूरी तरह शून्य है।
उक्त बात कहते हुए ठाकुर ने कहा की एक अमृत हरित अभियान के अंतर्गत 2024 में सिर्फ धार नगर में ही इसके समीप जमनजत्ती की पहाड़ी पर जिलाधीश द्वारा बड़ा प्रचार प्रसार करते हुए केंद्रीय मंत्री,विधायक,समस्त जनप्रतिनिधि,और जिले के समस्त अधिकारियों की उपस्थिति में व्यापक पैमाने में करीब एक करोड़ के पौधे लगाते हुए इस पहाड़ी को वन ग्राम घोषित किया गया था।जिसमे आशा की गई थी की आने वाले समय में उक्त वन ग्राम में कम से कम 25 प्रतिशत पौधे पेड़ का रूप लेगे।जो की देखरेख के अभाव में आज पूर्णतः खत्म हो चुकी है। वहां 25 प्रतिशत तो ठीक 1प्रतिशत पौधे जीवित नहीं रह पाए। जो की प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों का मातृभूमि,प्रकृति के प्रति प्रेम को दर्शाता है।जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है की जनप्रतिनिधि तो ठीक प्रशासनिक अधिकारी भी वनों की चिंता न करते हुए सिर्फ और सिर्फ फोटो बाजी,दिखावे, पर विश्वास रख कार्यों की इति श्री कर अमृत हरित अभियान में लापरवाही कर अभियान को मजाक बनाते हुए मातृभूमि,प्रकृति,मानव के साथ खिलवाड़ कर रहे है।
साथ ही ठाकुर ने इस वर्ष भी चलाए जा रहे अमृत हरित अभियान की शुरुआत जो डी,आर,पी,लाइन धार में नगर पालिका के द्वारा बड़े बड़े जनप्रतिनिधियों,जिले के अधिकारियों, की उपस्थिति में की गई उस पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा की डी,आर,पी की भूमि पर तो आर,आई साहब और अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा स्वयं पौधा रोपण कर निस्वार्थ भाव से सेवा कर वाह हरियाली कर कई पेड़ लगाए गए है। वाह नगर पालिका द्वार पेड़ लगा सिर्फ और सिर्फ जनता को भ्रमित करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे इनको न देखरेख करना पड़े न पानी पिलाना पड़े और यह अपनी सम्पूर्ण जवाबदारी से बचा जा सके ।
ठाकुर ने कहा कि उक्त बात को प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को भी अवगत किया जाएगा जिससे विधासभा में उठाया जा सके साथ ही देश के प्रधानमंत्री,सम्बंधित मंत्रालय,मुख्यमंत्री से भी अभियान में हो रही, अनियमितताएं,लापरवाही, इस उद्देश्य को सही दिशा देते हुए ,इस तरह प्रकृति के साथ मजाक करने वाले अधिकारी,नेतागण पर जांच कर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया।









