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नेशन बुलेटिन धार। भगवान को अपना करीबी बनाकर देखिए, वह स्वयं आपसे संवाद करने लगेंगे :आचार्य आदित्यजी गोस्वामी।

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भगवान को अपना करीबी बनाकर देखिए, वह स्वयं आपसे संवाद करने लगेंगे :आचार्य आदित्यजी गोस्वामी

श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भक्ति, समर्पण और भगवान से आत्मीय संबंध का संदेश

धार। स्थानीय कांति पैलेस गार्डन में सिंघल अग्रवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य श्री आदित्यजी गोस्वामी ने भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और आत्मीय भाव रखने का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य भगवान को अपना मानकर तो देखे, भगवान स्वयं उसके जीवन में अपना सान्निध्य अनुभव कराने लगेंगे।

उन्होंने कहा कि हम भगवान को अक्सर दूर मानते हैं, जबकि आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें अपने जीवन का सबसे करीबी बनाएं। “आप भगवान को समर्पित होकर तो देखिए, भगवान स्वयं आपसे बात करने लगेंगे। आप उन्हें अपना करीबी बनाकर तो देखिए, वे भी आपके जीवन के सबसे निकट हो जाएंगे।” उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि भगवान के प्रति विश्वास, समर्पण और आत्मीयता का भाव ही सच्ची भक्ति है।

आचार्य श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का ऐसा दिव्य संगम है, जो मनुष्य के जीवन को भीतर से परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। कथा के श्रवण से चित्त का अभिमान दूर होता है और हृदय में भगवान के प्रति प्रेम एवं भक्ति का भाव जागृत होता है। जिस जीवन में भक्ति का प्रवेश हो जाता है, वहां स्वयं भागवत की स्थापना हो जाती है।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी भगवान की कृपा से ही प्राप्त होता है। कथा मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठाकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराती है तथा भगवान के चरणों में समर्पण का मार्ग दिखाती है।

पहले दिन हुआ था भागवत महापुराण का भव्य स्वागत

कथा के प्रथम दिवस कथा शुभारंभ से पूर्व सांवरिया मंदिर से श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी, जिसका कांति पैलेस गार्डन पहुंचने पर श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। कथा स्थल पर सिंघल परिवार के वरिष्ठजनों एवं सदस्यों द्वारा व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारंभ किया गया था।

इस अवसर पर मनोहर लाल अग्रवाल, रमेशचंद्र अग्रवाल, मुरलीधर अग्रवाल, संजय अग्रवाल, पराग अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, केदार अग्रवाल, वंश, हर्षित सहित परिवारजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

दूसरे दिन के कथा मनोरथी श्री मोहनलाल बाबूलाल अग्रवाल रहे। कथा श्रवण का लाभ श्री विक्रमजी वर्मा एवं विधायक श्री मीना जी वर्मा ने भी लिया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा आचार्य श्री आदित्यजी गोस्वामी का शॉल एवं दुपट्टा पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।

कथा के दौरान भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागवत कथा का श्रवण कर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का लाभ लिया। कथा के आयोजक सिंघल अग्रवाल परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का लाभ लेने का आग्रह किया।

 

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