
*पेटलावद में खाद-बीज विक्रेताओं ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*
*झकनावदा/पेटलावद:-(राजेश काॅसवा)-*
पेटलावद मे खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर आज झाबुआ जिला खाद बीज दवाई विक्रेता संघ के बैनर तले व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी। एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कृषि दुकानें बंद रहीं। पेटलावद में तहसील अध्यक्ष राजेश पाटीदार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए, जहाँ से नारेबाजी करते हुए वे एसडीएम कार्यालय पहुँचे। यहाँ व्यापारियों ने नायब तहसीलदार अंकिता भिड़े को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में व्यापारियों ने उर्वरक कंपनियों द्वारा खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग को अपराध घोषित करने और उत्तरप्रदेश की तर्ज पर इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। विक्रेताओं का कहना है कि वर्तमान में यूरिया की डिलीवरी रेल हेड पर दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को प्रति बैग 15 से 25 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार वहन करना पड़ रहा है, इसलिए खाद की आपूर्ति सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही बढ़ती लागत को देखते हुए डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत करने और साथी (SATHI) पोर्टल की अनिवार्यता को केवल निर्माताओं तक सीमित रखने का आग्रह किया गया है।
कानूनी प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए संघ ने मांग की है कि सीलबंद उत्पादों के नमूने फेल होने की स्थिति में विक्रेताओं को अपराधी के बजाय केवल गवाह माना जाए और इसकी पूर्ण जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की तय हो। व्यापारियों ने कीटनाशक विधेयक 2025 के कठोर प्रावधानों को शिथिल करने, एक्सपायर्ड स्टॉक की वापसी को अनिवार्य बनाने और झूठी शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित करने की भी मांग रखी है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि एक माह के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले देश भर के व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिससे होने वाले कृषि नुकसान की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष राकेश बंबोरी, रितेश निमजा, अनुपम भंडारी, कैलाश चोयल, अभय पालरेचा, मांगीलाल काग, स्वप्निल भंडारी, उमेश श्रीमाल, विपिन भटेवरा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के कृषि व्यापारी उपस्थित रहे।









