
धार, निप्र। आगामी दिनों में शहर में होने वाले धार्मिक पर्वों, बड़े आयोजनों और चल समारोहों को देखते हुए नगर की व्यवस्थाओं को लेकर पार्षद श्रीमती सारिका अजय सिंह ठाकुर ने नगर पालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने नगर में खुले पड़े चेंबर, सफाई व्यवस्था, नालों की गाद, जगह-जगह जमा कचरे तथा आवारा मवेशियों और श्वानों की समस्या को गंभीर बताते हुए इनके तत्काल निराकरण की मांग की है।

पार्षद श्रीमती ठाकुर ने कहा कि धार धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी है, जहां विभिन्न धार्मिक पर्व और आयोजन बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। आगामी समय में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी सहित कई प्रमुख पर्व हैं। वहीं 7 सितंबर को श्री धारेश्वर मंदिर से बाबा धारनाथ की भव्य पालकी छबीना निकाला जाना है। इसके अलावा नगर के विभिन्न मंदिरों से झांकियां और अखाड़े निकलेंगे तथा आगामी गणेश चतुर्थी और आनंद चौदस के अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक आयोजनों में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में नगर की मूलभूत व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। उन्होंने विशेष रूप से छत्री चौराहे पर वर्षों से खुले पड़े नाले तथा नगर के व्यस्त मार्गों पर कई स्थानों पर खुले चेंबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पर तत्काल ढक्कन लगाए जाने की आवश्यकता है, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके।
श्रीमती ठाकुर ने नगर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। आगामी छबीना और अन्य धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रमुख यात्रा मार्गों की विशेष सफाई कराना आवश्यक है। उन्होंने छत्री चौराहे से श्री धारेश्वर मंदिर तक जाने वाले मार्ग के नाले में जमा गाद की तत्काल सफाई कराने की मांग भी की।
पार्षद ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर रहते हैं। ऐसे में नगर में घूम रहे आवारा मवेशियों और श्वानों के कारण होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए भी नगर पालिका को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आवारा पशुओं की मौजूदगी दुर्घटना और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकती है।
इन सभी समस्याओं को लेकर श्रीमती सारिका अजय सिंह ठाकुर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर खुले चेंबरों को ढंकने, नालों की सफाई, कचरे के ढेर हटाने, प्रमुख मार्गों की विशेष सफाई तथा आवारा मवेशियों और श्वानों की समस्या के निराकरण की मांग की है।
साथ ही उन्होंने जिलाधीश से भी जनहित के इस विषय में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है। पार्षद ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से पहले नगर की व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण मिल सके।









