
*जिलाधीश से हस्तक्षेप की मांग। ठाकुर*
धार निप्र:सरकार के द्वारा पूरे प्रदेश में 18 अप्रैल से 30 जून तक जल श्रोतों को सहजते हुए ऐतिहासिक जल संरचनाओं को स्वच्छ सुरक्षित एव संरक्षित रखने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है । जिसमें धार जिले में भी अलग अलग विभागों को जवाबदारियां दी गई वही धार नगर में नगर पालिका परिषद को जनभागीदारी के माध्यम से नगर के विभिन्न घाटों बावड़ियों एव अन्य जीवित जलस्रोतों को साफ स्वच्छ,सुरक्षित, संरक्षित रखने का कार्य करना है। जो की नगर में मात्र औपचारिक बन कर रह गया है।
उक्त बात नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार प्रतिनिधि,जिला कांग्रेस प्रवक्ता,पार्षद (प्र) अजय डॉ मनोहर सिंह ठाकुर (एड)ने कहते हुय आरोप लगाया की सरकार इतनी महत्वपूर्ण योजना धार नगर पालिका की लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण औपचारिक बन कर रह गया धार नगर जो कि साढ़े बारह तालाबो की नगरी होकर लगभग 80 से ऊपर बावड़ियां, एव कुएं होकर सबकी संरचना एक दूसरे से जुड़ी हुई है ।किंतु धार की बीजेपी शासित नगरपालिका परिषद और अधिकारी की लापरवाही से 18 अप्रैल से शुरू हुआ अभियान मूंज सागर तालाब,मुनीमजी की बावड़ी, गटार बावड़ी,झिरनिया की बावड़ी,देवी सागर तालाब पर ही सीमित हो गया है उसमें भी देवीसागर तालाब के एक ही घाट की सफाई 01 माह में तीन बार शुरुआत में 18,04 दूसरी बार ,25।04तीसरी बार 23।05नवागत जिलाधीश को खुश करने हेतु की जा रही है।जो कि स्पष्ट रूप से दर्शाता है की नगर पालिका उक्त अभियान की सिर्फ और सिर्फ औपचारिक बना रही है। जिसे लेकर खुद अधिकारी भी गम्भीर नहीं है।
उक्त बात कहते हुए ठाकुर ने कहा कि जबकी धार नगर धार्मिक नगरी हो कर यहा धारेश्वर मंदिर में बावड़ी,हटीले हनुमान मंदिर छोटा आश्रम पर बावड़ी,आनंदेश्वर मंदिर पर बावड़ी ,नागचंद्रेश्वर मंदिर नटनागरा पर बावड़ी,लालबाग परिसर में बावड़ी,बंदीचौड़ बाबा के यहां बावड़ी ऐसी अनेक बावड़ी और कुआं है जो की जीवित जल श्रोत होकर आसानी से सफाई भी की जा सकती है किंतु अधिकारी महोदय द्वारा इस और कोई ध्यान ही नहीं दिया जारहा। जो की सीधा सीधा नगर पालिका में जिम्मेदार अधिकारियों,नेताओं की लापरवाही को दर्शाते हुए उक्त महत्वपूर्ण अभियान की मजाक उड़ाता दिख रहा है और उसमें जिलाधीश को भी सम्मलित कर हंसी का पात्र बना रहे।
ठाकुर ने उक्त अभियान को व्यवस्थित कर अन्य जलस्रोतों को सहजने पर श्रमदान करने का आव्हान करते हुए नवागत जिलाधीश महोदय से हस्तक्षेप की मांग की।









