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नेशन बुलेटिन धार। बजरंग बली का जयघोष, हनुमंत कथा में बताया गया हनुमान जन्म का विज्ञान। 

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बजरंग बली का जयघोष, हनुमंत कथा में बताया गया हनुमान जन्म का विज्ञान।

 

इंदौर / मोनी बाबा आश्रम में गूंजा बजरंग बली का जयघोष, हनुमंत कथा में बताया गया हनुमान जन्म का विज्ञान। मोनी बाबा आश्रम में जय गोपाला संस्था द्वारा आयोजित भव्य श्री हनुमंत कथा में कथावाचक पंडित सत्यनारायण सत्तन जी ने हनुमान जन्म की कथा के साथ-साथ उसके पीछे के विज्ञान को भी भक्तों को समझाया।

 

इंदौर के मोनी बाबा आश्रम में चल रही भव्य श्री हनुमंत कथा में सोमवार को हनुमान जी के जन्म का अलौकिक प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक पंडित सत्यनारायण सत्तन जी ने विस्तार से बताया कि हनुमान जी का जन्म कैसे हुआ। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं।

 

कथा में गुरुजी ने बताया कि हनुमान जी का जन्म माता अंजना और पिता केसरी के घर हुआ था। माता अंजना ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। पवन पुत्र को शुक्र के माध्यम से पवन के द्वारा ही पहुंचाया गया। ऋषियों ने इस विज्ञान के द्वारा हनुमंत लाल के जन्म का प्रमाण दिया है। उपजाति के देवताओं की स्त्रियों में विशेष गुण होता है कि वे अपने गर्भ को सुरक्षित रख सकती हैं और प्रसव को इच्छानुसार साध सकती हैं।

 

इसी प्रकार माता अंजना, श्याम भाव तेज से युक्त होकर गर्भवती हुईं। जब केसरी लौट कर आए और भगवान के पुण्य प्रताप से दोनों का आलिंगन हुआ तो वह श्याम भाव तेज एक दूसरे में स्थानांतरित हो गया। वही स्थानांतरित तेज पवन कुमार बनकर हमारे बीच आया। गुरुजी ने कहा कि हनुमान जी का जन्म सिर्फ एक जन्म नहीं है, वो शक्ति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का जन्म है।

 

गुरुजी ने बताया कि बचपन में ही हनुमान जी में सूर्य को फल समझकर निगलने जैसा अद्भुत बल था। देवताओं ने उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधि का वरदान दिया, इसीलिए उन्हें संकटमोचन कहा जाता है। कथा के दौरान पंडाल बजरंग बली के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर महामंडलेश्वर वेदांती महाराज, अशोक यादव, जय गोपाल, नवल यादव, रुद्राक्ष यादव, हरिनारायण यादव, शशिकांत यादव, जितेंद्र सिंह यादव, मनीष कुमावत, अजय सिंह, अनूप शुक्ला, पप्पू शर्मा, श्याम यादव सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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