
पंजीकृत 5-6 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक शाला में सहज रूप से स्थानांतरित करने और आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के सुदृढीकरण के उद्देश्य से विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदाय किये
*धार, 25 मार्च 2026।* महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 5-6 वर्ष के समस्त बच्चों को प्राथमिक शाला में सहज रूप से स्थानांतरित करने और आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ईसीई) के सुदृढीकरण के उद्देश्य से विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदाय किये गये। इससे आंगनवाड़ी केन्द्रों द्वारा प्रदत्त प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की महता स्पष्ट रूप से रेखांकित होगी तथा समुदाय इन्हें शिक्षा के प्रमाणिक केन्द्र के रूप में स्वीकार करते हुए बच्चों को नियमित रूप से केन्द्रों पर भेजने हेतु प्रेरित होगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री सुभाष जैन ने बताया कि जिले की सभी 3863 आंगनवाड़ी केन्द्रों में चतुर्थ मंगलवार को बाल चौपाल के अवसर पर आंगनवाड़ी केन्द्रों में विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन करने के पश्चात् प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा प्राप्त कर स्कूल में प्रवेश की पात्रता वाले बच्चों की ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन स्थानीय जनप्रतिनिधि, बच्चों के माता-पिता, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में किया जाकर विद्यारम्भ प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। कार्यक्रम के एक दिवस पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बच्चों एवं अभिभावकों को पीले चावल देकर आमंत्रित किया गया एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों को आकर्षक रूप से सजाया गया ।
इस अवसर पर विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, बच्चों और अभिभावकों का कुमकुम तिलक लगाकर स्वागत किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सुभाष जैन द्वारा विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के संबंध में बताया गया कि जिले में लगभग सैंतीस हजार बच्चे पांच से छरू वर्ष की आयु के हैं जिन्हें समारोहपूर्वक कार्यक्रम में प्रमाण पत्र वितरित किये गये । इससे न केवल बच्चों में शिक्षा के प्रति रूचि बढ़ेगी बल्कि अभिभावकों को भी शिक्षा हेतु विद्यालय प्रवेश के प्रति सकारात्मक संदेश जायेगा ।









