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नेशन बुलेटिन धार। धार में 208 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान, 13 विशिष्ट प्रतिभाओं को भी किया सम्मानित।

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धार। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस एवं शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला शिक्षक सम्मान समारोह समिति धार द्वारा श्रद्धा गार्डन में शिक्षक सम्मान समारोह एवं विशिष्ट प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जिले के 208 सेवानिवृत्त शिक्षकों, व्याख्याताओं एवं प्राचार्यों का सम्मान किया गया। साथ ही धार नगर एवं जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली 13 विशिष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

समारोह की मुख्य वक्ता प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. स्वाति तिवारी, मुख्य अतिथि जिलाधीश राजीव रंजन मीणा एवं अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने की। मंच पर समिति के संरक्षक बबन अग्रवाल, रामनारायण धाकड़, अध्यक्ष नारायण कुबेर जोशी, संस्थापक एवं सचिव सुरेशचंद्र गोयल तथा भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर बी. संतोष उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया।

समिति के प्रवक्ता आशीष गोयल ने समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि समिति पिछले 43 वर्षों से सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान करती आ रही है। इन 43 वर्षों में करीब 6 हजार सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया जा चुका है। समिति द्वारा सम्मानित शिक्षकों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जाती है। पूर्व वर्षों में राष्ट्रपति पुरस्कार एवं राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों का भी सम्मान किया जाता रहा है।

समिति द्वारा पिछले 12 वर्षों से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में धार एवं जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली विशिष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जा रहा है। समिति के अनुसार छोटे स्तर से शुरू हुआ यह आयोजन आज एक अभिनव उपलब्धि बन चुका है। आयोजन को वर्ष 2018 में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तथा वर्ष 2022 में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। दोनों संस्थाओं द्वारा इसे सेवानिवृत्त शिक्षकों के विश्व के सबसे बड़े सम्मान समारोह के रूप में दर्ज किया गया है।

 

समिति सामाजिक एवं पर्यावरण क्षेत्र में भी सक्रिय रही है। नगर में चार यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए हैं तथा विश्व पर्यावरण दिवस एवं हरियाली अमावस्या पर पौधारोपण अभियान चलाए गए। कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरण के साथ 2 माह 11 दिन तक कोरोना टीकाकरण शिविर का आयोजन भी समिति द्वारा किया गया।

समिति के संस्थापक एवं सचिव सुरेशचंद्र गोयल ने बताया कि समारोह में 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक सेवानिवृत्त हुए जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के 208 शिक्षकों, व्याख्याताओं एवं प्राचार्यों का सम्मान किया गया।

इसके साथ ही समाजसेवा में बबनलाल अग्रवाल मामाजी, भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन पर अनिमेष जैन, प्रक्षाल जैन, गौरव जाट, भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित श्रावणी विभूते, पूरे भारत में CA परीक्षा में टॉपर मुकुंद अग्रवाल, राष्ट्रपति पुलिस पदक पुरस्कार प्राप्त डॉ. सीमा अलावा, जज पद पर चयनित अभिनव अग्रवाल, राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक राधा शर्मा, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच विशाल दामके, राष्ट्रीय जूनियर बैडमिंटन चैंपियन अश्मित अरोड़ा, भारतीय संसद में यूथ आइकॉन सोनालिका निगम एवं पर्यावरण मित्र चेतन वसुनिया को सम्मानित किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. स्वाति तिवारी ने कहा कि शिक्षक अपने कर्म से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। शासकीय दायित्वों से मुक्त होना अलग बात है, लेकिन समाज को शिक्षक के मार्गदर्शन की सदैव आवश्यकता रहती है। उन्होंने कहा कि “शिक्षक और माँ कभी सेवानिवृत्त नहीं हो सकते।” गुरु की कृपा और ज्ञान समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने लगातार 43 वर्षों से आयोजन करने के लिए समिति को साधुवाद दिया।

जिलाधीश राजीव रंजन मीणा ने कहा कि व्यक्ति के संस्कार का रचयिता शिक्षक ही होता है। समाज की दिशा और दशा तथा मूल्यों को निर्धारित करने में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से बच्चों को सत्य, चरित्र एवं मेहनत जैसे सद्गुणों से अवगत कराते रहने तथा अपने अनुभवों का लाभ नए शिक्षकों को देने की अपील की।

एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि जापान, जर्मनी एवं चीन जैसी शिक्षा व्यवस्था से सीख लेने की जरूरत है। जापान में प्राथमिक शिक्षकों को विशेष महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जहां शिक्षक के सम्मान की शुरुआत होती है, वहां राष्ट्र निर्माण की दिशा स्वतः शुरू हो जाती है। शिक्षक पर समाज का भरोसा होता है कि वह बच्चों के भविष्य को बेहतर दिशा दे सकता है।

कार्यक्रम में नन्ही बालिकाओं मुक्ता एवं हिमानी अंकुर पालीवाल ने सरस्वती वंदना पर नृत्य प्रस्तुत किया। हरजीत सिंह होरा ने गुरु वंदना, राजेश सक्सेना ने श्लोक वाचन एवं लोकेश पिपरकर ने गीत की प्रस्तुति दी।

अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह समिति के संरक्षक बबन अग्रवाल, अध्यक्ष नारायण कुबेर जोशी, संस्थापक एवं सचिव सुरेशचंद गोयल, एसबीआई मैनेजर बी. संतोष, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार गोयल, लक्ष्मीनारायण मुकाती, ब्रजकिशोर बोडा, कोषाध्यक्ष रमेश सोलंकी, सह सचिव गंगासिंह सिसोदिया, सतीश शर्मा, अशोक वर्मा, हरजीत होरा एवं अंकुर पालीवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने भेंट किए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इरफान पठान, मुरली अग्रवाल, पराग अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, अनूप गुप्ता, मनजीत कौर होरा, भुवान बघेल, सयाजीराव मोहिते, नंदकिशोर उपाध्याय, प्रभाकर खामकर, राकी मक्कड़, रामगोपाल वेद, देवेंद्र जोशी, रितेश अग्रवाल, अतुल कालभवर, तुकाराम पाटीदार एवं कैलाश रघुवंशी सहित अन्य का सहयोग रहा।

समारोह में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी, पत्रकार एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे। यह जानकारी समिति के प्रवक्ता आशीष गोयल ने दी।

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