ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस की मांग पर आखिरकार भाजपा सरकार को झुकना पड़ा-उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष।
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आज मुख्यमंत्री निवास पर ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरुण यादव, कांग्रेस कार्य समिति सदस्य श्री कमलेश्वर पटेल, राज्यसभा सांसद श्री अशोक सिंह, वरिष्ठ वकील श्री वरुण ठाकुर और श्री रामेश्वर ठाकुर मौजूद रहे।
*बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने* सभी कांग्रेस नेताओं के साथ संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया और ओबीसी आरक्षण पर बनी सहमति को कांग्रेस की बड़ी जीत बताया।
*नेता प्रतिपक्ष श्री सिंघार ने कहा कि* कांग्रेस पार्टी की लगातार मांग और संघर्ष के बाद आज भाजपा सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर हामी भरी है। कांग्रेस सरकार ने 6 साल पहले ही 27% ओबीसी आरक्षण के लिए मजबूत नींव रखी थी और आज भाजपा सरकार कांग्रेस के बनाए उसी घर में नारियल फोड़कर गृह प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी की सरकार ने ओबीसी आरक्षण पर अध्यादेश लाकर और कानून पास करके अपनी प्रतिबद्धता पहले ही साबित कर दी थी। कांग्रेस आज भी उसी संकल्प पर अडिग है।
*श्री सिंघार ने आगे कहा कि* बैठक में यह सहमति बनी कि कांग्रेस और भाजपा के वकील साथ बैठकर इस मुद्दे पर कोर्ट की अड़चनों को दूर करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की करनी और कथनी में फर्क है—वो कांग्रेस की मेहनत पर श्रेय लेना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब किसी समाज के हित की बात हो तो राजनीति नहीं होनी चाहिए और जल्द से जल्द आरक्षण का रास्ता साफ होना चाहिए।
*नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि* मुख्यमंत्री ने बैठक में कई पेचीदगियों का उल्लेख किया, जिन पर कांग्रेस नेताओं ने ठोस सुझाव दिए—मामले को विधानसभा में लाने और आगे लोकसभा में प्रस्ताव भेजने की बात रखी गई।
*नेता प्रतिपक्ष ने अंत में कहा* —देर आए, दुरुस्त आए। सरकार ने अपनी गलती मान ली और सुधारने का प्रयास किया। भाजपा तो 6 साल से मामले को अटकाने में लगी थी। उन्होंने कहा यह लड़ाई कांग्रेस पार्टी ने लड़ी है और यह हमारी जीत है।