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पद्मश्री फड़के संगीत समारोह का शुभारम्भ उनकी पुण्यतिथि 17 मई से होगा।

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तीन दिवसीय पद्मश्री फड़के संगीत 17 मई से भोज शोध संस्थान की 10 वी प्रस्तुति।
धार साहित्य संस्कृति के साथ ही संगीत का भी गढ़ रहा है। प्रसिद्ध शिल्पकार व संगीतज्ञ रघुनाथराव कृष्णराव फड़के जी के कला अवदान को समर्पित 10 वे पद्मश्री फड़के संगीत समारोह का शुभारम्भ उनकी पुण्यतिथि 17 मई से होगा। गायन, वादन व नृत्य को समर्पित यह आयोजन नवोदित व स्थापित कलाकारों का अनूठा साझा मंच है। पद्मश्री फड़के संगीत समारोह देश का अग्रणी जनसहयोग से संचालित होने वाला संगीत समारोह है। भजन सम्राट अनूप जलोटा व ख्यात गायिका कलापिनी कोमकली जी को पद्मश्री फड़के कला सम्मान प्रदान किए जाने से भी यह संगीत समारोह विशेष चर्चा में बना हुआ है। आयोजन समिति संयोजक डॉ दीपेंद्र शर्मा ने तीन दिन कलाकारों से अवगत करवाते हुए बताया कि 17 मई को मुम्बई की कलाकार कनकश्री भट्ट गायन में अपनी प्रस्तुति देगी। 18 मई को प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना सुश्री भाविनी कुमावत इंदौर  कत्थक व नूपुर कला केंद्र धार की विविध समूह प्रस्तुतियां होगी। समापन दिवस का विशेष आकर्षण 10 वे पद्मश्री फड़के कला सम्मान से विदुषी डॉ  प्रो वर्षा अग्रवाल संतुरवादिका उज्जैन का विशिष्ठ अलंकरण समारोह होगा। स्थानीय प्रस्तुति में राघव मोदी का बांसुरी वादन होगा। 17 से 19 मई 2025 के तीन दिवसीय आयोजन आमजन के लिए प्रवेश व पार्किंग के साथ  निःशुल्क होंगे। आयोजन समय ठीक 7.05 से 09.05 बजे रहेगा। आयोजन समिति वरिष्ठ संगीतज्ञ श्री लक्ष्मीकांत जोशी, दीपक खलतकर,  वृषाली देशमुख, डॉ देशराज वशिष्ट, जगदीश बोरियाला, समाजसेवी  जयंत जोशी, उदय वडनेरकर, प्रदीप जोशी, हरिहरदत्त शुक्ल, राकेश राजपुरोहित, प्रकाश फाटक, अतुल कालभंवर, पराग भोसले, सुरेश राजपुरोहित, रामकिशोर पांडे, हर्षा रुनवाल, मीनाक्षी लहरे मनोनीत किए गए है।

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