ज्योतिष गुरु डॉ. अशोक शास्त्री ने बताया कि 26 मार्च गुरुवार को रामनवमी है। यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि त्रेता युग में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था। इसके लिए हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण दिवस मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव से भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है।
डॉ. अशोक शास्त्री के मुताबिक़ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि यानी भगवान श्रीराम के अवतरण दिवस पर शुभ समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की कृपा बरसेगी।
हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण दिवस भी मनाया जाता है। इस साल तिथि गणना से गुरुवार 26 मार्च को रामनवमी
शोभन योग
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर शोभन योग का दुर्लभ संयोग संपूर्ण रात्रि तक है। ज्योतिष शोभन योग को शुभ मानते हैं। इस योग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलेगी।
सर्वार्थ सिद्धि योग
रामनवमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग है। इस योग का निर्माण सायं 4:19 बजे से है, जो पूर्ण रात्रि तक है। इस समय में भगवान श्रीराम की पूजा करने से सभी प्रकार के शुभ कामों में सिद्धि मिलेगी।
रवि योग
रामनवमी के दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग सायं 04:19 बजे से है, जो पूर्ण रात्रि तक है। इस समय में भगवान श्रीराम की पूजा करने से आरोग्यता का वरदान मिलेगा।
शिववास योग
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। शिववास योग का संयोग दिन में 11:48 बजे से हो रहा है। इस योग में ही भगवान श्रीराम का अवतरण होगा। इस योग में भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक पर न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम, बल्कि सदाशिव की भी कृपा बरसेगी।
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी यानी राम नवमी के दिन पूजा के समय शुभ समय सुबह 11:13 से लेकर दोपहर 01:41 बजे तक पूजा का शुभ समय है। वहीं, दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर मध्याह्न बेला अति उत्तम है। इस समय में भगवान श्रीराम का अवतरण होगा। इस दौरान भक्ति भाव से भगवान श्रीराम की पूजा कर सकते हैं।









