
रिश्ते कभी भी चमड़ी और दमड़ी देखकर नहीं करना चाहिए अपितु संस्कार को देखना चाहिए- कैलाश विजयवर्गीय
परिचय सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने मंच से दिया अपना परिचय

धार।समाज सेवा विभिन्न विषयों में की जा सकती है। जिसमें अपनी – अपनी सोच और तरीका होता है। शिक्षा, महिला उत्थान, स्वास्थ्य, छात्र-छात्राओं की सहायता, धर्मशालाएं, पशु सेवा, मंदिर निर्माण, उद्योग व्यापार ॠण की योजना के माध्यम से कई लोग समाज सेवा से जुडे हैं । परन्तु आज समाज बड़ा व ज्वलंत विषय
युवक – युवतियों के विवाह सम्बन्धों का भी है। जिसमें प्रस्ताव ढूंढने में बहुत समय व धन खर्च होता है क्योंकि आज की व्यस्त जिंदगी में समय का अभाव होता है।
धार में चल रहे अ.भा. अग्रवाल समाज युवक – युवती परिचय समेलन के आयोजन के द्वारा समाज सेवा के इसी विषय में एक प्रयास कारगार सिध्द हो रहा है जिसका आयोजन म.प्र. अग्रवाल महासभा जिला धार द्वारा अग्रवाल समाज धार के सानिध्य में हो रहा है ।
इस आयोजन में आने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसने इस परिचय सम्मेलन के बारे में सच्ची समाज सेवा होने की बात न कही हो, सम्मेलन स्थल पर जो भी आया वह व्यवस्था से लेकर भोजन तक के कार्यों की सहारना करते नहीं थका ।
यहाँ हर व्यवस्था के लिए टीम बनाई गई है मसलन भोजन व्यवस्था, बाहर के आगन्तुकों के लिए आवास व्यवस्था, लगेज व्यवस्था, मंच व्यवस्था, सोशल मीडिया, परिचय पुस्तिका, प्रत्याशी समन्वय, साज सज्जा आदि । जिसमें अनुभवी बुज़ुर्ग, महिला शक्ति, युवा व बच्चे सभी ने बढ़ चढ़कर सम्मिलित होकर सम्मेलन की ज़िम्मेदारी उठायी ।
प्रांगण में सहूलियत के लिए विभिन्न काउंटर लगे हुए हैं जैसे पहले से पंजिकृत उम्मीदवारों के लिए पत्रिका वितरण, नव उम्मीदवार पंजीयन, पत्रिका मिलान, चिकित्सा सेवा, मेक अप आर्टिस्ट आदि । जिसमे विशेष रूप से एक उम्मीदवार परिवारों के चर्चा के लिए समन्वय कक्ष काउंटर भी बनाये गए हैं ।
हर कदम पर किसी भी प्रकार की जानकारी ज़िम्मेदार टीम के प्रतिनिधि बराबर सभी आगन्तुकों तक पहुंचा रहे हैं। बाहर से आने वाले युवक – युवतियां व उनके अभिभावक बेहद खुश व सन्तुष्ट नज़र आए । इनके अनुसार हमारी ठहरने की व्यवस्था से लेकर चाय – नाश्ता – भोजन की व्यवस्था तक निःशुल्क थी । म.प्र. ही नहीं महारष्ट्र, गुजरात राजस्थान आदि प्रदेशों से भी लोग आवागमन के विभिन्न माध्यमों से आयोजन में पहुंचे व भावी रिश्तों के लिए प्रस्ताव देखे ।
आगन्तुकों का कहना था कि धार के अग्रवाल समाज ने निःस्वार्थ भाव व सेवा भावना से जो आयोजन किया है वो याद रखने योग्य है एवं इसमें मिला सम्मान, सहूलियत व हर व्यवस्था अविस्मरणीय है । यहाँ
अभिभावकों के साथ ही प्रत्याशी युवक – युवतियों की खासी उपस्थिति परिचय स्थल पर देखी गई।
चूंकि युवक प्रत्याशियों की संख्या युवती प्रत्याशी के तुलना में ज्यादा थी इसलिए प्रत्याशी युवतियो के अभिभावक घूम – घूमकर युवक प्रत्याशियों को देख रहे थे, तो युवक प्रत्याशी भी युवतियों से मिलकर सम्बन्ध के लिए अपना पक्ष व विवरण एक दूसरे के समक्ष रख रहे थे।
ऐसे आयोजनों से युवक – युवतियों की आपस की झिझक दूर होती है जिसे इस सम्मेलन में भी देखी गई । पहले से परिचित व परामर्शदाताओं ने भी अभिभावकों के मध्य बातचीत करवाने की कोशिश की जिससे कई संबंध खबर लिखे जाने तक तय होने की स्थिति में पहुंच चुके थे । इस परिचय सम्मेलन में विशेषतः पर्यावरण को ध्यान रखते हुए भोजन व्यवस्था में किसी डिस्पोज़ेबल का उपयोग नहीं किया गया । परिचय सम्मेलन में पंच परिवर्तन, राष्ट्र धर्म, संस्कृति ,पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर ध्यान दिया गया व विभिन्न संदेशों की प्रदर्शनी भी लगाई गई ।
युवक – युवती प्रत्याशी की पहले से पंजिकृत 1067 प्रविष्टियों में लगभग 750 से ज़्यादा प्रत्याशी परिवार सम्मेलन में उपस्थित थे । लगभग 250 प्रत्याशियों का नवीन रजिस्ट्रेशन किया गया ।
यह सम्मेलन प्रदेश का पहला हाईटेक सम्मेलन रहा जिसमें पूरे सम्मेलन का लाइव प्रसारण होता रहा और लगभग हजारों लोगों ने घर बैठे इस सम्मेलन को देखा । देश विदेश में जो प्रत्याशी व अभिभावक सम्मेलन में उपस्थित नहीं हो सके उन्होंने इस ऑनलाइन सुविधा से जानकारी प्राप्त की ।
2 बजे तक सम्मेलन परिसर प्रत्याशी एवं उनके अभिभावकों से पूरा भर गया था जो इस परिचय सम्मेलन के सफल होने का प्रत्यक्ष प्रमाण दे रहा था ।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में नगरीय प्रशासन मंत्री एवं धार के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय पधारे ।उन्होंने धार जैसे छोटे शहर में इतने भव्य रूप से हुए सम्मलेन की भरे मंच से सराहना की एवं पूरे भारत से पधारे अग्रजनों का धार के प्रभारी मंत्री होने के नाते अभिवादन किया।उन्होंने एक बहुत अच्छी बात मंच से कही की रिश्ते कभी भी चमड़ी और दमड़ी देखकर नहीं करना चाहिए अपितु संस्कार को देखना चाहिए क्योंकि आजीवन यही रिश्तों को संभालते है।उन्होंने अपने संबोधन में परिचय सम्मेलन को हिंदू संस्कृति की प्राचीन सभ्यता बताते हुए श्री राम जानकी के विवाह को इतिहास का पहला सम्मलेन बताया।सम्मलेन का संचालन देश के जाने माने संचालक प्रद्युम्न जैन द्वारा किया गया जो अपने इस कार्य क्षेत्र में पारंगत है । स्टेज पर सभी की भागीदारी व नज़रें बनी रहे उसके लिए लाइव विषयों के प्रश्न पूछकर पुरस्कार वितरण भी किया गया ।
परिचय सम्मेलन की योजना बनने से लेकर प्रत्याशी परिवारों के बीच समन्वय करवाने तक कि ज़िम्मेदारी महिलाओं द्वारा विशेष रूप से वहन की गई । कार्यक्रम में मुख्य संयोजक बबनलाल अग्रवाल, अनंत अग्रवाल,मनोहरलाल अग्रवाल,सयोंजक गोपीकिशन अग्रवाल,मंत्री राजेश अग्रवाल,आशीष गोयल,दीपक अग्रवाल,मुरली अग्रवाल,डॉ. उमेश मित्तल,डॉ.के.सी जिंदल,वल्लभ अग्रवाल, संजय अग्रवाल,महेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए अग्रबधु मौजूद थे।उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी श्याम मंगल एवं अशोक मित्तल ने दी।









