*प्रस्तावित भूमि का न सर्वे पूर्ण नहीं विभागों के अनुमतियों और नाही कोई प्लानिंग ।प्रतिनिधि प्रवक्ता ठाकुर(एड)*
धार निप्र:- धार जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज अपनी प्रारंभिक प्रक्रिया से ही विवादों में उलझा हुआ है । जहां सिर्फ भूमिपूजन कर श्रेय लेने की होड दिख रही है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ अलग ही दर्शा रही है ।
उक्त बात नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि (म.प्र. विधानसभा),जिला कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट अजय डॉ मनोहर सिंह ठाकुर ने भाजपा शासन पर आरोप लगाते हुए कहाकी जिस प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का जल्दबाजी में विधानसभा चुनावों को देखते हुए जनवरी 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री घोषणा करते है ।और सारी कागजी कार्यवाही को पूर्ण बताते हुए अक्टूबर 2023 में भूमिपूजन कर दो साल कॉलेज की पूर्ण करने का कहते हुए 268 करोड़ की लागत बताते हुए जल्दबाजी में बाउंड्रीवाल कार्य करते हुए अनुमानित 03 करोड़ की बाउंड्रीवाल 2024 में बनाकर पूर्ण की जाती है। फिर पता चलता है जिस जमीन पर पूर्व में थोक सब्जी मंडी बनाई जानी थी जहां अब मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है।जहां बाउंड्री बन चुकी है वह भूमि कंजर्वेशन लैंड (संरक्षित भूमि) है जिस पर आगे निर्माण संभव नहीं है। जिसे बिना सोचे समझे, बिना देखे,भाजपा के दबाव में भूमि आवंटित कर दी जाती है।जो सीधा सीधा चुनावों को देखते हुए जल्दबाजी में वोट पाने हेतु की गई घोषणा दिखती है।
एडवोकेट अजय सिंह ठाकुर ने आगे कहा की जिस पर भी जनप्रतिनिधि का कोई ध्यान नहीं होता है और वर्तमान के मुख्यमंत्री जनता को धोखा देने एक कार्य और करते है और जबलपुर से उक्त मेडिकल कॉलेज जो की संरक्षित भूमि पर बनना है जिसकी अनुमति की फाइल अटकी होती है उसे मोहन यादव जी पीपीपी मूड पर देने की घोषणा करते है।
हमारे धार का प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जागरूकता से मामला जनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में आता है ।जिस पर स्थानीय विधायक स्वयं को उक्त बात को विधानसभा में लेकर जाना पड़ता है और हमारे नेता प्रतिपक्ष गंधवानी विधायक उमंग सिंगार जी के प्रयासों के बाद उक्त भूमि को कंजर्वेशन (संरक्षित भूमि)से मुक्त किया जाता है ।और उस पर भाजपा शासन को मुख्यमंत्री महोदय को श्रेय लेने की इतनी जल्दी होती है की जो मेडिकल कॉलेज पीपीपी मूड पर जिस विवेकानंद बोधि नॉलेज फाउंडेशन संस्थान को निर्माण हेतु दिया जाता है उसी के इंजीनियर अरुण कुमार राय साहब स्वयं उस भूमि पर अभी सर्वे होने की बात कर प्लान तैयार करने की बात करते है। वहीं उक्त भूमि को ऊबड़ खाबड़ बताते हुए उसे समतल करने को एक चुनौती बताते है।
ठाकुर ने कहा कि वहीं कॉलेज भूमि जहां वर्तमान में सभा करने एवं हेलीकॉप्टर उतारने हेतु सर्वे किया जाता है।जिसे सभा और हेलीकॉप्टर उतारने योग्य उक्त कॉलेज भूमि को नहीं समझा जा रहा। जिस पर कैचमेंट एरिया चुनौती है। जहां नगर एव ग्राम निवेश द्वारा कई शर्तों पर अनुमति दी है।जहां भूमी हस्तांतरण होना शेष है।जिस पर वृक्षों को भी सुरक्षित रख वन विभाग की भी अनुमति आवश्यक है।जहां प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की डिजाइन अभी तक नहीं हो पाई वहां भूमिपूजन हेतु आगामी दिनांक को मुख्यमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम जनता को धोखे में रख झूठी वाही वाही लेने का कार्य प्रतीत होता है।
ठाकुर ने मुख्यमंत्री,से उक्त सारी अनुमतियों पूर्ण कर कालेज निर्माण के समस्त गतिरोध समाप्त करते हुए निर्माण की समय सीमा स्पष्ट करने का कहते हुए उक्त मेडिकल कॉलेज की जल्द से जल्द निर्माण की मांग की।









