भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में कांग्रेस विधायकदल का सदन से वॉकआउट*
*नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले – जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है सरकार*
मध्यप्रदेश विधानसभा में आज प्रस्तुत भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सदन से वॉकआउट किया। वॉकआउट के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी कर इस जनविरोधी विधेयक को वापस लेने की मांग की।
इसके पहले *विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा* –सदन को विधेयक बनाने का अधिकार है, लेकिन इसका उद्देश्य आम जनता के हितों की रक्षा होना चाहिए, न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डालना। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने स्टांप ड्यूटी भरने वालों से कोई राय ली? एक तरफ कहा जाता है कि टैक्स नहीं बढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ शुल्कों में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है।
*नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि* यदि सरकार कर्ज लेकर विकास कर रही है, तो जनता पर अतिरिक्त शुल्क थोपने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई का हवाला देकर शुल्क बढ़ा रही है, जबकि खुद हर ज़रूरी चीज़ पर जीएसटी वसूल रही है।
*उमंग सिंघार ने विशेष रूप से* अचल संपत्ति के एग्रीमेंट पर स्टांप शुल्क की वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा –पहले यह शुल्क 1000 रुपये था, अब इसे 5000 कर दिया गया है। कुछ मामलों में 5000 से बढ़ाकर 10000 किया जा रहा है। क्या यह जनहित में है?
कांग्रेस विधायक दल ने इस विधेयक को पूरी तरह जनविरोधी और आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाला करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।