*हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं जल्द बाजी में लिया गया निर्णय पुनःविचार की मांग।प्रवक्ता ठाकुर*
धार निप्र:- विगत दिनों धार जिलाधीश महोदय द्वारा हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं जैसा आदेश दिया गया। जिससे सम्पूर्ण जिले की जनता हतप्रभ है।हेलमेट अनिवार्य होना चाहिए किंतु उसके लिए पेट्रोल पम्प पर दबाव दिया जाना गलत है।और वह भी धार जैसे छोटे नगर में जहां मुख्य मार्ग भी इतना सकड़ा है जहां पैदल चलना ही मुश्किल हो जाता है वहा दो पहिया वाहनों से दुर्घटना होना दूर की बात है।
उक्त बात नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि,जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय डॉ मनोहर सिंह ठाकुर (एड) ने कहते हुए जिलाधीश के उक्त आदेश को तुगलकी आदेश को जल्द बाजी में लिया गया निर्णय बताते हुए पुनः विचार की मांग की।
ठाकुर ने आगे कहा की हेलमेट आवश्यक होना चाहिए किंतु राज मार्गों पर जहां वाहनों की गति अधिक होती है हमारे नगर में वैसे भी अगर देखा जाए तो दो पहिया वाहनों की दुर्घटना का जो ग्राफ है वह 0.1 परसेंट से भी कम है। और आज के इस दौर में जहा इलेक्ट्रिक गाड़ियों का चलन भी तेजी से बढ़ा है नगर में हर दूसरे घर में इलेक्ट्रिक गाड़िया है उनका क्या ।श्रीमान यह आदेश जल्दबाजी में लिया होकर यह भी ध्यान नहीं दिया गया की एक दम इतने हेलमेट आयेंगे कहा से क्या सरकार ने इसकी पहले ही मांगनुसार उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है ।
प्रवक्ता ठाकुर ने जल्दबाजी में दिए गए इस तुगलकी आदेश पर प्रशन चिन्ह खड़ा करते हुए परदे के पीछे कही सरकार की किसी को कोई फायदा पहुंचाने की मंशा तो नहीं इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता।जिससे सीधा सीधा परेशान आम जनता को होना पड़ रहा है।जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।जी
ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री,प्रभारी मंत्री, से इसमें हस्तक्षेप कर आम जनता की सुविधा को देखते हुए लागू करने के साथ प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार जी को भी अवगत कराया जाएगा जिससे विधानसभा में भी उक्त आदेश पर सरकार को जगाया जा सके।साथ ही जिलाधीश महोदय से भी इस आदेश पर पुनः विचार करने की मांग करते हुए समस्त जिले में नगरीय क्षेत्र के पम्पों और नगरीय क्षेत्र में छूट करते हुए,हाइवे के पम्पों और नगरीय सीमा के बाहर इसे लागू करने हेतु कहा क्योंकि दो पहिया वाहनों के अधिक हादसे इन्हीं हाइवे पर होते है।
